तेहरानः इजरायल समेत खाड़ी देशों के ऊर्जा केंद्रों पर ईरान के भयावह हमलों से बौखलाए तेल-अवीव ने तेहरान पर भीषण पलटवार किया है। इजरायल और अमेरिका के इस हमले में तेहरान में बड़ी तबाही देखी जा रही है। तेहरान के आवासीय इलाकों में अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के बाद मलबे में तब्दील हुई इमारतों से एक ईरानी मां की चीख सुनकर हर किसी का दिल दहल गया। एक ईरानी महिला हमले के बाद मलबे के नीचे दब गई थी। रेस्क्यू टीम जब उस तक पहुंची तो वह मां अपना दर्द भूलकर अपने बच्चे के लिए तड़प उठी।
मां ने रेस्क्यू टीम से पूछा-मेरा बच्चा कहां है?
मलबे के नीचे दबी ईरानी मां ने चीखकर कहा, “मेरा बच्चा, मेरा बच्चा, मेरी बेटी” कहा हैं?...बुरी तरह से हमले में जख्मी हुई मां को अपनी जान की जरा भी परवाह नहीं थी और वह मलबे से निकालने जाने से पहले ही अपने बच्चे के लिए चीख रही थी। ईरान के Press TV ने इस भावुक दृश्य को अपने कैमरे में कैद करने के बाद प्रसारण किया है। यह युद्ध की क्रूरता को दर्शाता है।
कतर पर ईरान ने हमला किया तो तबाह कर देंगे साउथ पार्स
इस बीच जंग भयावह होने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को बड़ी धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने कतर पर हमले जारी रखा तो अमेरिका पूरे साउथ पार्स क्षेत्र को तबाह कर देगा। बता दें कि साउथ पार्स ईरान का दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस का संयंत्र है। यह युद्ध अब ऊर्जा संकट और नागरिकों की जान-माल को गंभीर खतरे में डाल रहा है। यूरोप से लेकर एशिया तक गैस और तेल की भारी किल्लत पैदा हो गई है।
खाड़ी देशों पर ईरान ने तेज किए हमले
ईरान ने अपने सबसे बड़े गैस संयंत्र पर अमेरिका और इजरायली हमले के जवाब में खाड़ी देशों के ऊर्जा केंद्रों पर हमला तेज कर दिया है। गुरुवार को ईरान ने सऊदी अरब के रेड सी स्थित यंबू बंदरगाह में SAMREF रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया, कतर के रास लफ्फान LNG सुविधा में मिसाइलें दागकर आग लगा दी और कुवैत के मीना अल-अहमदी तथा मीना अब्दुल्लाह रिफाइनरियों को भी निशाना बनाया। इन हमलों से आग लगने के बाद बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। ईरान ने यह जवाबी कार्रवाई इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमले के बाद की, जो दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस संयंत्र है।
इजरायल-अमेरिका ने ईरान के प्राकृतिक गैस संयंत्र को क्यों बनाया निशाना
अमेरिका-इजरायल को पता था कि यह संयंत्र ईरान की इकोनॉमी के रीढ़ की हड्डी है और ऊर्जा का पावर हाउस भी। इस हमले से ईरान की बिजली उत्पादन प्रभावित होने का खतरा है, क्योंकि देश में 80% बिजली प्राकृतिक गैस से बनती है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने चेतावनी दी कि इसके अनियंत्रित परिणाम पूरे विश्व को प्रभावित कर सकते हैं। इन हमलों से वैश्विक तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ब्रेंट क्रूड 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो युद्ध शुरू होने के बाद 57% से अधिक की बढ़ोतरी है। हार्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ मजबूत है, जहां दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है।
यूएई और कतर के तटों के पास जहाजों पर हमले हुए, जिसमें एक जहाज में आग लग गई। खाड़ी देशों ने ईरान की निंदा की। सऊदी अरब के राजनयिक ने कहा कि अब विश्वास पूरी तरह टूट गया है। अबू धाबी ने हबशान गैस सुविधा और बाब फील्ड बंद कर दिए। कुवैत के रिफाइनरियों में आग लगी, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।